Career Counseling

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Career Counseling क्या है इसकी आवश्यकता एवं फायदे ?
वर्तमान में हर व्यक्ति किसी न किसी क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने की ओर प्रयासरत है सही ढंग से कैरियर चुनाव के लिए व्यक्ति को कैरियर काउंसलिंग की जरूरत पड़ सकती है। यह जरूरी नहीं है कि सिर्फ विद्यार्थी वर्ग को ही अपने कैरियर के चयन इत्यादि के लिए कैरियर काउंसलिंग की आवश्यकता होती है। बल्कि पहले से किसी क्षेत्र में काम कर रहे व्यक्तियों अनुभवी बेरोजगार व्यक्तियों इत्यादि को भी कैरियर काउंसलिंग की आवश्यकता होती है। इसलिए आज हम ईएसएससी माध्यम से विस्तृत तौर पर जानने की कोशिश कर रहे हैं।


Career Counseling क्या होती है ?
कैरियर काउंसलिंग एक ऐसी सर्विस या सेवा है जो किसी व्यक्ति को उसके कैरियर बनाने में मदद करती है अन्य शब्दों में इसे कभी-कभी कैरियर कोचिंग या कैरियर डेवलपमेंट भी कहा जाता है। कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से व्यक्ति अपने कैरियर के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। और इसके साथ ही उन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम भी उठा सकता है। इस सेवा का लाभ कोई भी व्यक्ति चाहे वह अपने कैरियर के शुरूआती दौर में हो या फिर कुछ समय बाद दोबारा से काम करने की इच्छुक व्यक्ति सभी कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से अपनी पसंद के कैरियर में आगे बढ़ने की तैयारी कर सकते हैं। यहां तक कि इसका फायदा भी लोग ले सकते हैं। जो वर्तमान में कार्यरत हो वह भी अपने कैरियर में आगे बढ़ने की राह इसके माध्यम से आसान कर सकते हैं।

 

कैरियर काउंसलिंग के फायदे (Advantage of Career Counseling)
जब बात कैरियर चयन की आती है तो व्यक्ति काफी कन्फ्यूज हो जाता है क्योंकि वर्तमान में एक नहीं अभी तो अनेकों कैरियर विकल्प मौजूद हैं। वैसे देखा जाए तो कैरियर काउंसलिंग के अनेकों फायदे हैं इनमें से कुछ प्रमुख फायदों की सूची निम्न है।
1. क्योंकि कैरियर काउंसलिंग द्वारा समय-समय पर विद्यार्थियों का aptitude टेस्ट लिया जाता है जिसके माध्यम से छात्र जान पाते हैं कि उनकी बौद्धिक क्षमता क्या है और वह किस तरह के कैरियर विकल्प के लिए तैयार हैं। कहने का आशय यह है कि कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से व्यक्ति स्वयं का आकलन कर पाने में सक्षम होता है परंतु यहां पर उनका टेस्ट न लेकर केवल सलाह दी जा सकती है।
2. वे अभ्यर्थी जो अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके होते हैं अपने कैरियर को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि छात्रों की उम्र से ही कैरियर चुनने के योग्य नहीं होती और वे अपनी रूचि के मुताबिक भी कैरियर का चुनाव कर पाने में असफल रहते हैं। लेकिन कैरियर काउंसलर व्यक्ति की रुचि एवं ज्ञान के मुताबिक कैरियर चयन को प्रोत्साहित करते हैं। जिससे छात्रों का पूरा-पूरा कंफ्यूजन दूर हो जाता है।
3. Career Counseling में कैरियर सलाहकार विद्यार्थी को उनके कैरियर के बारे में एक स्पष्ट मार्गदर्शन देते हैं उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। कि यदि किसी के पिता डॉ. हैं तो उनके बेटे या बेटी भी डॉक्टर ही बनना चाहिए, एक अच्छा कैरियर सलाहकार बच्चों की रुचि योग्यता के मुताबिक ही उन्हें कैरियर सलाह प्रदान करता है।
4. ऐसे लोग जिन्हें इस बात का स्पष्ट अंदाजा नहीं होता, कि वे अपने कैरियर में कैसे आगे बढ़े या फिर वे इस के योग्य है भी या नहीं ऐसी स्थिति में एक कैरियर सलाहकार लोगों की मदद करता है।
5. Career Counseling के माध्यम से व्यक्ति अपने कैरियर के बारे में एक स्पष्ट सोच विकसित कर पाने में सक्षम होता है जैसे यदि कोई छात्र लिखने में अच्छा है तो कैरियर सलाहकार द्वारा उसे लिखने के क्षेत्र में उपलब्ध कैरियर विकल्पों के बारे में बताया जा सकता है।
6. काउंसलिंग के माध्यम से उम्मीदवार को उसी परिस्थिति से गुजरने वाले अनेकों लोगों से मुलाकात होती है। जिससे उसका नेटवर्क बढ़ता जाता है और उससे भावनात्मक सपोर्ट युवा मोटिवेशन मिलता है
7. कैरियर सलाहकार छात्र की सही योग्यता एवं क्षमता का पता लगाने में मदद करते हैं । जिससे यदि कोई कमी रह गई, हो तो उसमें वक्त रहते सुधार किया जा सकता है
8. Career Counseling के माध्यम से व्यक्ति अपनी मजबूती एवं कमजोरियां जान पाने में सक्षम होता है। और कैरियर सलाहकारों द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी की कमियों मजबूती को देखते हुए लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं जिन तक एक निश्चित समय अवधि में पहुंचने की आवश्यकता होती है।


Career counseling की आवश्यकता कब होती है
पढ़ाई पूरी करने के बाद जब व्यक्ति या छात्र संसय में रहता है कि वह अपना कैरियर कैसे और किस क्षेत्र में शुरू करें और आगे उसे कुछ भी समझ में नहीं आता तो उसे कैरियर काउंसलिंग की आवश्यकता हो सकती है लेकिन नीचे कुछ और परिस्थितियां दर्शाई जा रही है जिसमें कैरियर सलाहकारों की आवश्यकता हो सकती है यह नितांत आवश्यक दी है।
1- आप सैकड़ों जगह अपना अपने कैरियर के लिए अजमा चुके हैं लेकिन आपके पास सलेक्शन का कोई चांस नहीं दिखता अथवा इंटरव्यू के लिए काल नहीं आती अथवा कुछ समझ में नहीं आता, तब आप एक कैरियर सलाहकार की मदद ले सकते हैं इसकी आपको नितांत आवश्यकता होती है।
2- आपको जॉब छोड़े हुए एक बड़ा अरसा हो गया हो और आप मार्केट से बिल्कुल ही बाहर हो गए हो और दोबारा से आप कैरियर शुरू करने की सोच रहे हो तो इस स्थिति में भी कैरियर काउंसलिंग ज्वाइन कर सकते हैं और उनकी मदद ले सकते हैं।
3- यदि आप अपने कैरियर में एक बहुत बड़ा बदलाव करने की सोच रहे हो तब भी आपको कैरियर सलाहकार की आवश्यकता होती है।
4- और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आप अपना कोई बड़ा सा व्यवसाय अथवा छोटा व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे हैं परंतु किसी वजह के कारण आरंभ नहीं हो पा रहा है या किसी वजह से विकास नहीं हो पा रहा है तो भी करियर काउंसलिंग की आवश्यकता होती है इसका सहयोग ले सकते हैं।

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